bhartibhawansolution.com

Bharti Bhawan Solution

Physics

Chemistry

Math

Social Science

हमारे WhatsApp
Group में जुड़ें 👉
Join Now
हमारे Telegram
Group में जुड़ें 👉
Join Now

Bharati Bhawan Class 10 Biology Chapter 8 Very Short Type Q&A

Bharati Bhawan Class 10 Biology Chapter 8 Very Short Type Q&A

Bharati Bhawan Class 10 Biology Chapter 8 Very Short Type Q&A | अतिलघु उत्तरीय प्रश्र | हमारा पर्यावरण | Our Environment |

भारती भवन जीवविज्ञान कक्षा 10 अध्याय – 8 ; हमारा पर्यावरण |

Question Number- 1 :

उत्तर : पर्यावरण या वातावरण :– 

➥ किसी जीव के आसपास उपस्थित सभी जैविक तथा अजैविक तत्वों का समुच्चय, जो उसके जीवन, विकास और क्रियाओं को प्रभावित करता है, पर्यावरण या वातावरण कहलाता है।

उदाहरण :—

मनुष्य के पर्यावरण में पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, अन्य मनुष्य, जल, वायु तथा भूमि आदि शामिल होते हैं।

Question Number- 2 :

पारिस्थितिक तंत्र / पारितंत्र :—

➥ जीवों तथा उनके आसपास उपस्थित अजैविक घटकों के बीच होने वाले पारस्परिक संबंध एवं ऊर्जा और पदार्थ के निरंतर आदान-प्रदान से जो प्राकृतिक व्यवस्था बनती है, उसे पारिस्थितिक तंत्र या पारितंत्र कहते हैं। यह प्रकृति की एक ऐसी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है, जिसमें सभी घटक एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।

Question Number- 3 :

उत्तर : पारिस्थितिक तंत्र के दो जैव घटक हैं:

(i) उत्पादक

(ii) उपभोक्ता 

Question Number- 4 :

उत्तर : पारिस्थितिक तंत्र के किन्हीं तीन अजैव घटकों के नाम है: 

(i) मृदा 

(ii) जल

(iii) वायु

Question Number- 5 :

उत्तर : कृत्रिम पारिस्थितिक तंत्र के दो उदाहरण हैं:

(i) बगीचा 

(ii) कृषि क्षेत्र

Question Number- 6 :

मैदानी पारिस्थितिक तंत्र की आहार श्रृंखला : 

घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → गिद्ध

Question Number- 7 :

उत्तर : उत्पादक : – 

  ➥ वे हरे पौधे जो सूर्य के प्रकाश तथा क्लोरोफिल की सहायता से प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा सरल अकार्बनिक पदार्थों से अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं, उत्पादक कहलाते हैं।

उदाहरण :— घास, पेड़-पौधे तथा शैवाल आदि।

Question Number- 8 :

➥ आहार श्रृंखला में ऊर्जा के प्रवाह के आधार पर विभिन्न स्तर पाए जाते हैं, जिन्हें पोषी स्तर कहा जाता है। इसमें सबसे पहला पोषी स्तर उत्पादकों का होता है। हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, इसलिए इन्हें आहार श्रृंखला का प्रथम पोषी स्तर माना जाता है।

Question Number- 9 :

उत्तर : कोई दो जैव अनिम्नीकरणीय अपशिष्टों के नाम निम्न है 

(i)प्लास्टिक

(ii) आर्सेनिक

Question Number- 10 :

उत्तर : कागज, गोबर, सब्जी के छिलके

Question Number- 11 :

उत्तर : कुछ पदार्थ ज जिन पदार्थों का सूक्ष्मजीवों जैसे जीवाणु एवं कवक द्वारा अपघटन किया जा सकता है, वे जैव निम्नीकरणीय कहलाते हैं। ये पदार्थ प्राकृतिक प्रक्रियाओं से सरल पदार्थों में बदल जाते हैं।

उदाहरण :—

कागज, लकड़ी, भोजन के अवशेष, मृत पौधे एवं जंतु आदि।

➥ इसके विपरीत, जिन पदार्थों का अपघटन सूक्ष्मजीवों द्वारा नहीं हो पाता और जो लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं, वे जैव अनिम्नीकरणीय कहलाते हैं।

उदाहरण :—

प्लास्टिक, काँच, DDT, एल्युमिनियम तथा रेडियोधर्मी पदार्थ आदि।

Question Number- 12 :

उत्तर : ओजोन परत का महत्त्व :—

(i) ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है।

(ii) यह मनुष्य, पशु-पक्षी, पौधों तथा जलीय जीवों को UV किरणों के दुष्प्रभावों से सुरक्षा प्रदान करती है।

(iii) ओजोन परत के कारण त्वचा रोग, आँखों की बीमारियाँ तथा प्रतिरक्षा तंत्र पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव कम होते हैं।

(iv) यह पृथ्वी के पर्यावरण तथा पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Question Number- 13 :

उत्तर : CFC — क्लोरोफ्लोरोकार्बन | 

Question Number- 14 :

उत्तर : क्लोरोफ्लोरोकार्बन

Question Number- 15 :

उत्तर : पराबैंगनी (UV) विकिरणों से मनुष्य में मुख्य रूप से त्वचा कैंसर हो सकता है।

Question Number- 16 :

उत्तर : जीवमंडल की एक स्वपोषित संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई को पारिस्थितिक तंत्र कहते हैं।

Question Number-17 :

उत्तर : समुद्र का पारिस्थितिक तंत्र : 

शैवाल छोटे जंतु → छोटी मछली → बड़ी मछली → मांसाहारी पक्षी

Question Number- 18 :

उत्तर : अपने पोषण के लिए उत्पादकों पर पूर्णरूपेण निर्भर रहनेवाले जीवों को उपभोक्ता कहते हैं।

Question Number- 19 :

उत्तर : वैसे जीव जो पौधे और जंतु दोनों खाते हैं, उन्हें सर्वाहारी कहा जाता है।

जैसे : मनुष्य, भालू, कौआ आदि।

Question Number- 20 :

उत्तर : जीवाणु और कवक जैसे सूक्ष्मजीवों को अपघटक कहा जाता है।

Question Number- 21 :

उत्तर : एक जलीय पारिस्थितिक तंत्र में उत्पादक का कार्य शैवाल करते हैं।

Question Number- 22 :

उत्तर : पृथ्वी तक पहुँचने वाली कुल सौर ऊर्जा का केवल 1% से भी कम भाग उत्पादक ग्रहण कर उसे रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।

Question Number- 23 :

उत्तर : आहार श्रृंखला के प्रत्येक पोषी स्तर पर कुल ऊर्जा का केवल लगभग 10% हिस्सा ही अगले पोषी स्तर में स्थानांतरित होता है।

Question Number- 24 :

उत्तर : जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थों की मात्रा का पहले पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर में क्रमशः होनेवाली वृद्धि को जैव आवर्धन या जैव वृद्धिवर्धन कहते हैं।

Question Number- 25 :

उत्तर : रेडियोधर्मी जैव अनिम्नीकरणीय अपशिष्ट है

Question Number- 26 :

उत्तर : अगर विभिन्न पोषी स्तरों के जीवों की संख्या का अवलोकन किया जाए, तो एक पिरामिड की आकृति बनती है। इसे आहार पिरामिड या संख्या पिरामिड कहते हैं।

Question Number- 27 :

उत्तर : कागज और कपास से निर्मित कपड़े जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट होते हैं।

Question Number- 28 :

उत्तर : धरती पर स्थित सभी जंतुओं को उपभोक्ता की श्रेणी में रखा जाता है।

Question Number- 29 :

उत्तर : तिलचट्टा एवं मनुष्य दोनों ही सर्वाहारी जीव हैं।

Question Number- 30 :

उत्तर: आहार श्रृंखलाओं के जाल को आहार जाल कहा जाता है।

Question Number- 31 :

उत्तर : अधिकतम ऊर्जा आहार श्रृंखला में प्रथम पोषी स्तर यानी उत्पादकों में संचित रहती है।

Question Number- 32 :

उत्तर : आहार श्रृंखला में मनुष्य का स्थान तृतीय या चतुर्थ पोषी स्तर होता है।

Question Number- 33 :

उत्तर : हमारे खाद्य-पदार्थों में हानिकारक रसायनों का जमाव जैव आवर्धन या जैव वृद्धिवर्धन की क्रिया द्वारा होता है।

Question Number- 34 :

उत्तर : अंटार्कटिका क्षेत्र के ऊपर ओजोन स्तर में आई कमी को सामान्यतः ओजोन छिद्र की संज्ञा दी जाती है।

Question Number- 35 :

उत्तर : ऐरोसोल के उपयोग से वायुमंडल और जीवमंडल सम्मिलित रूप से जैवमंडल का निर्माण करते हैं।

Question Number- 36 :

उत्तर : जलमंडल, स्थलमंडल, वायुमंडल एवं जीवमंडल सम्मिलित रूप से पारिस्थितिक तंत्र निर्माण करते हैं?

Question Number- 37 :

उत्तर : उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।

(i) प्राथमिक उपभोक्ता

(ii) द्वितीयक उपभोक्ता

(iii) तृतीयक उपभोक्ता

Question Number- 38 :

उत्तर: वन-पारिस्थितिक तंत्र में घास का पोषी स्तर प्रथम होता है?

Question Number- 39 :

उत्तर : एक वन-पारिस्थितिक तंत्र में चिड़ियों का स्थान तृतीय पोषी स्तर है

Question Number- 40 :

उत्तर : चतुर्थ पोषी स्तर 

Question Number- 41 :

उत्तर: नहीं, ऊर्जा का स्थानांतरण उपभोक्ता से उत्पादक की ओर नहीं हो सकता है। 

Question Number- 42 :

उत्तर : CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) के टूटने से क्लोरीन गैस की उत्पत्ति होती है, जो ओजोन (O₃) से प्रतिक्रिया करता है।

Important Link :

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top