
Class 10 Bharati Bhawan Biology Chapter 4 Short Type Question Answers in Hindi | लघु उत्तरीय प्रश्र
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लघु उत्तरीय प्रश्र
Question Number – 1:
उत्तर : शरीर में होने वाली उपापचयी क्रियाओं के दौरान विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं से कुछ ऐसे अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं, जो शरीर के लिए विषैले और अनावश्यक होते हैं। इन पदार्थों को उत्सर्जी पदार्थ कहा जाता है।
जैसे— कार्बन डाइऑक्साइड, यूरिया, अमोनिया आदि।
Question Number – 2:
उत्तर : जीवों के शरीर में होने वाली उपापचयी प्रक्रियाओं से उत्पन्न हानिकारक एवं अवांछित अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहा जाता है।
Question Number – 3:
उत्तर : मानव मूत्र मुख्यतः जल और घुले हुए ठोस पदार्थों से मिलकर बना होता है। इसमें लगभग 96% भाग जल तथा शेष 4% भाग ठोस पदार्थ होते हैं। इन ठोस पदार्थों में प्रमुख रूप से लगभग 2% यूरिया होता है, जबकि बाकी 2% में अन्य अपशिष्ट पदार्थ (जैसे यूरिक अम्ल, लवण आदि) शामिल होते हैं।
Question Number – 4:
उत्तर : ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन वृक्क में मूत्र बनने की प्रारंभिक अवस्था है। इस प्रक्रिया में ग्लोमेरूलस की केशिकाओं में उपस्थित रक्त उच्च दाब के कारण छनता है। ग्लोमेरूलस एक छन्ने की तरह कार्य करता है, जिसके द्वारा जल, यूरिया, ग्लूकोज, लवण आदि छोटे अणु बोमैन कैप्सूल में प्रवेश कर जाते हैं, जबकि बड़े अणु जैसे प्रोटीन रक्त में ही रह जाते हैं। इस प्रकार प्राप्त द्रव को ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेट कहा जाता है।
Question Number -5 :
उत्तर : उत्तर-वृक्क का महत्त्वपूर्ण कार्य निम्लिखित है
(i) नाइट्रोजनी पदार्थों का शरीर से बाहर निष्कासन ।
(ii) शरीर में जल की मात्रा को संतुलित बनाने में सहयोगी ।
(iii) शरीर में अम्ल-क्षार की मात्रा को संतुलित रखता है।
(iv) लवण संतुलन में सहायकं ।
Question Number -6 :
उत्तर : पौधे अपने उत्सर्जी पदार्थ विभिन्न रूपों में निष्कासित करते हैं, जैसे:
(i) जल के रूप में – वाष्पोत्सर्जन द्वारा।
(ii) ऑक्सीजन के रूप में – प्रकाश संश्लेषण के द्वारा।
(iii) गोंद और रेजिन के रूप में – तनों में संग्रहित करके।
(iv) टैनिन के रूप में – पत्तियों या छाल में।
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